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बारह वर्षीय नाबालिग को दिल्ली में बेचा, आठ महीने बाद किया गया बरामद

कुणाल सारंगी

रांची के रातू थाना क्षेत्र की रहने वाली एक नाबालिग को मानव तस्करों ने लगभग आठ महीने पहले दिल्ली में बेच दिया था. पीड़िता की मां ने थाना में एफआईआर दर्ज कराते हुए बेटी को वापस लाने की गुहार लगाई है.
रविवार देर रात यह भी सूचना मिली है कि बच्ची को दिल्ली पुलिस के सहयोग से बरामद कर लिया गया है.

रांची: शहर के कोतवाली थाना स्थित एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट में मानव तस्करी का मामला दर्ज कराया गया है. मानव तस्करों ने रांची के रातू थाना क्षेत्र के कमरे में रहने वाली एक बारह वर्षीय बच्ची को लगभग आठ महीने पहले दिल्ली ले जाकर बेच दिया था. इसके बाद लगातार उसे प्रताड़ित किया जा रहा है.
पीड़िता की मां ने थाना में एफआईआर दर्ज कराते हुए बेटी को वापस लाने की गुहार लगाई है. पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया है कि नवंबर 2019 में वह किसी काम से बाहर गई थी. घर लौटने पर पता चला कि उसकी बेटी घर में नहीं है. काफी खोजबीन करने पर पता चला कि गुमला निवासी सूरज दीप भगत, उसकी पत्नी सुषमा टोप्पो और दीपिका बाड़ा ने उसकी बेटी को दिल्ली के शुभम एंक्लेव स्थित सनी अरोड़ा और अचल अरोड़ा के पास घरेलू कामकाज के लिए बेच दिया है. जानकारी मिलने के बाद पीड़िता की मां ने कई बार दीपिका से संपर्क कर अपनी बेटी को वापस मंगवाने की मिन्नत की, लेकिन आरोपियों ने उसकी नहीं सुनी.
पीड़िता की मां और उसके परिजन बेटी की तलाश में भटकते रहे. इसी बीच एक अज्ञात नंबर से आए कॉल ने उसकी बेटी का पता दे दिया. अज्ञात नंबर से आया कॉल बेटी का ही था. नाबालिग पीड़िता ने अपनी मां को फोन कर बताया कि उसे दिल्ली के शुभम इन्क्लेव में रखा गया है और प्रताड़ित किया जा रहा है. पीड़िता के बताए गए बातों के आधार पर उसकी मां ने थाने में लिखित शिकायत की है और पूरे मामले की जानकारी दी है. इसके बाद 24 जुलाई को कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. एफआईआर दर्ज किए जाने के दो दिनों बाद भी पुलिस ने पीड़िता की बरामदगी के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है.
वहीं रविवार देर रात यह भी सूचना मिली कि बच्ची को दिल्ली पुलिस के सहयोग से बरामद कर लिया गया है. हालांकि इस मामले में किसी की गिरफ्तारी हुई है या नहीं यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है.