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बागबेड़ा के रामनगर में जलापूर्ति संकट पर पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने पहल की

पोटका विधानसभा के बागबेड़ा अंतर्गत रामनगर में निर्मित जलमीनार से जलापूर्ति पिछले दो वर्षों से अधिक समय से बाधित है। बागबेड़ा के स्थानीय माई दरबार मंदिर कमिटी से जुड़े अभिषेक ओझा ने इस मामले से अवगत कराते हुए पूर्व विधायक सह भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी से हस्तक्षेप का आग्रह किया था कि लाखों रुपये की लागत से निर्मित उक्त जलमीनार से पिछले दो वर्षों से ज्यादा समय से जलापूर्ति बाधित है। निर्माण के बाद से ही लागतार जलापूर्ति में समस्याएं उत्पन्न होती रही जो अब पूरी तरह से ठप्प है। इससे रामनगर के निवासियों को पेयजल संकट से जूझना पड़ता है। इस मामले को पूर्व में भी कई बार जिला प्रशासन के संज्ञान में लाने के बावजूद अबतक समाधान नहीं हुआ है। ट्वीट पर हस्तक्षेप करते हुए पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने पेयजल और स्वच्छता मामलों के मंत्री मिथिलेश ठाकुर सहित जिला उपायुक्त सूरज कुमार से मामले में संज्ञान लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महासंक्रमण काल के दौरान भीषण जलसंकट लोगों की समस्याओं को और विकट बना रहा है जिसमें त्वरित हस्तक्षेप की आवश्यकता है। मामले में संज्ञान लेते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला उपायुक्त सूरज कुमार ने आश्वस्त किया कि मामले में संज्ञान ले ली गई है। इस मामले में जांचोपरांत अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी ताकि जलसंकट से बागबेड़ा के रामनगर निवासियों को राहत मिल सके। पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन की त्वरित पहल से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। उम्मीद जताई जा रही है कि शीघ्र ही जलमीनार की पेयजल आपूर्ति की तकनीकी खामियां दूर करते हुए जलापूर्ति बहाल कर दी जायेंगी