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अस्पतालों में बेड की उपलब्धता हेतु निर्धारित किया गया

जमशेदपुर समाहरणालय सभागार में आज उपायुक्त सूरज कुमार की अध्यक्षता में जिले के कोविड केयर अस्पतालों के उपलब्ध बेड के अधतन स्थिति की समीक्षा की गई तथा पूर्व में कई अस्पतालों को बेड की उपलब्धता हेतु निर्धारित किये गए लक्ष्य के विरुद्ध उपलब्ध कराए गए बेड की भी समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने कोरोना के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए जिले के कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या बढाने का निर्देश विभिन्न कोविड केयर अस्पताल प्रबंधकों को दिया है। साथ ही अस्पताल में अतिरिक्त बेड उपलब्ध कराने की बात कही गई है ताकि कोविड-19 जैसी महामारी को नियंत्रित किया जा सके।

ब्रह्ममानन्द हॉस्पिटल – 50 बेड का लक्ष्य दिया गया था, जिसमें 20 बेड तैयार हैं 10 बेड 3 दिन के अंदर तैयार करना है, शेष 20 बेड 15 दिनों में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया । टाटा मोटर्स में 40 बेड 11 सितम्बर के शाम तक तैयार हो जायेगा।एम.जी.एम अस्पताल – 16 वेंटीलेटर कार्यरत कर दिए गए हैं। उमा सुपर स्पेशलिटी – आइसोलेशन बेड बनाने को निर्देश दिया गया। मर्सी हॉस्पिटल – 35 लक्ष्य के विरुद्ध 32 बेड तैयार हैं, अस्पताल प्रबंधन के प्रतिनिधि ने बताया कि शेष 3 बेड जल्द उपलब्ध होंगे। 5 वेंटीलेटर जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा।

मेडिट्रीना हॉस्पिटल – 6 डेडिकेटेड कोविड बेड तथा 21 सेपरेट आइसोलेशन बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

सिविल सर्जन, एमजीएम उपाधीक्षक, जीएम टीएमएच, प्राचार्य की सदस्यता वाली कमिटी को मेडिका अस्पताल को सुचारु रूप से शुरू करने हेतु आपस में समन्वय स्थापित कर चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने अस्पताल प्रबंधकों को अनिवार्य रूप से कोरोना संक्रमितों का आईडी प्रूफ रिकॉर्ड के रुप में रखने का निर्देश दिया । साथ ही कोविड-19 संक्रमित लोगों को कोविड-19 प्रोटोकॉल की जानकारी देने का भी निर्देश दिया गया। कोरोना काल में सभी अस्पतालों को मरीजों की बेहतरी के लिए उचित उपाय करने के लिए निर्देशित किया गया ताकि कोरोना के साथ अन्य बीमारियों पर काबू पाया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करते हुए अन्य मरीजों के इलाज की व्यवस्था पर भी पूरा ध्यान दिया दिया जाना चाहिए।

उपायुक्त ने चिकित्सको से कहा अपने स्‍वास्‍थ्‍य और सुरक्षा का भी ध्यान रखे, कर्मचारियों और डॉक्टरों को संक्रमण के खतरे के बीच ड्यूटी करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 प्रोटोकॉल का पूर्णत: अनुपालन करते हुए चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन करें। चिकित्साकर्मी मास्क, दास्ताने, पीपीई किट का इस्तेमाल यानी पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट्स पहन कर कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।

इसके अलावा उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना वायरस चूंकि संक्रामक बीमारी है इसलिए इससे बचने के लिए मास्क ज़रूर पहने, बार-बार हाथ साफ करते रहें लोगों से दूरी बनाकर बात करें। साथ ही सामाजिक दूरी का अनुपालन करें तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करना सुनिश्चित करें। बैठक में सिविल सर्जन-पूर्वी सिंहभूम, अधीक्षक – एम.जी.एम अस्पताल, प्राचार्य एम.जी.एम कॉलेज, जिला सर्विलांस पदाधिकारी,पूर्वी सिंहभूम,जमशेदपुर, निदेशक , टाटा मोटर्स हॉस्पिटल,निदेशक ,टाटा मेन हॉस्पिटल, निदेशक,उमा सुपर स्पेशलिटी,निदेशक,मर्सी हॉस्पिटल,निदेशक,ब्रह्ममानन्द हॉस्पिटल, निदेशक, मेडिट्रीना हॉस्पिटल उपस्थित थे।