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अलकोर होटल: शहर के और भी रसूखदारों पर कस सकता कानूनी शिकंजा 

कुणाल सारंगी

जमशेदपुर। बिष्टुपुर के अलकोर होटल में लॉकडाउन में मौज-मस्ती और देह व्यापार धंधे के मामले में शहर के और भी रसूखदारों के नाम सामने आए हैं जिन्हें पुलिस सत्यापित कर रही है और उन सभी से इस मामले में उनका पक्ष मांगे जा रहे हैं। एक रसूखदार स्क्रैप कारोबारी को तो बकायदा जवाब देने को नोटिस भी दी गई। थाना के बुलावे पर सोमवार को वह बिष्टुपुर थाना भी पहुंचा। इसके बाद से समाज के रसूखदारों में हड़कंप मच गया है। बाकी रसूखदार थाना नहीं गए। सभी सेटिंग-गेटिंग की जुगत में लग गए हैं।

रसूखदारों में बिष्टुपुर का एक कपड़ा व्यवसायी, एक व्यवसायी संगठन के प्रतिनिधि, राजनीतिक नेता के रिश्तेदार, बिष्टुपुर सर्किट हाउस के स्क्रैप कारोबारी समेत 10 लोग हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय में शहर के एक व्यक्ति ने लिखित शिकायत दी है। उसने बताया विगत 24 अप्रैल को बिष्टुपुर अलकोर होटल में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने छापेमारी की थी। उस समय कई लोग भागने में सफल रहे थे। भागने वालों के नाम-पता भी शिकायत करने वाले ने दी है और कहा कि इन रसूखदारों की भूमिका भी जांच कराई जाए। सीएम कार्यालय से डीजीपी को मामले को देखने को दिया गया। इसके बाद मामला चार दिन पहले बिष्टुपुर थाना पहुंचा। अब बिष्टुपुर थाना की पुलिस ने शिकायत पत्र में जिनके नाम है उन सभी से संपर्क करना शुरू कर दिया है। इधर, एक वरीय पुलिस अधिकारी की माने तो मामले में इतनी लिखा-पढ़ी की गई है कि शिकायत फाइल मोटी होती जा रही है।

होटल अलकोर में अनैतिक कार्य संचालित किए जाने के आरोप में होटल के मालिक राजीव सिंह दुग्गल, प्रबंधक धनंजय कुमार सिंह, उद्यमी शंकर पोद्दार, रेलवे ठेकेदार राजेश मंगोतिया उर्फ लड्डू मंगोतिया, राजू भालोटिया, कोलकाता की एक युवती, राहुल अग्रवाल, रजत जग्गी, दीपक अग्रवाल को गिरफ्तार कर विगत अप्रैल में जेल भेज दिया था। सभी को झारखंड उच्च न्यायालय से जून के अंतिम सप्ताह में जमानत मिली थी।