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अब मशीनों में भी होगी इंसानों जैसी समझ

Ambuj Kumar Kunal Sarangi width Anshar Khan ADJ Kamlesh Jitendra Rais Rozvi Rishi Mishra Rina Gupta

विश्व में फैली इस महामारी और संक्रमण के दौर में हर एक क्षेत्र में अब धीरे-धीरे इंसानों की मौजूदगी और गतिविधियां कम होती जा रही हैं. ऐसे में अब मशीन ही एक विकल्प के रूप में सामने आ रही है, जो इंसान के

रूप में सामने आ रही है, जो इंसान के काम को कर सकती है. कोरोना के इस संक्रमण काल में मनुष्य अब हर एक जगह पर एक समय में एक साथ मौजूद नहीं रह सकते. ऐसे में मशीन बिना इंसान के हर काम करेंगी, तो ऐसे में सबसे अहम हो जाता है कि अब मशीनों में इंसान के दिमाग की तरह सोच पैदा करनी होगी. इसको लेकर एनआईटी कॉलेज में मशीन विजन 2020 के तहत आभासी प्रणाली को भविष्य के मद्देनजर विकसित किया जा रहा है
सरायकेला: जिले के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में ‘मशीन विजन 2020’ का आयोजन किया जा रहा है. इसके तहत आयोजित कार्यशाला की ओर से आभासी प्रणाली में मानव जीवन को प्रभावित करने वाले यंत्रों के संचालन और टेक्नोलॉजी के विकास पर भविष्य को देखते हुए रिसर्च किए जाएंगे.
विश्व में फैली इस महामारी और संक्रमण के दौर में हर एक क्षेत्र में अब धीरे-धीरे इंसानों की मौजूदगी और गतिविधियां कम होती जा रही हैं. ऐसे में अब मशीन ही एक विकल्प के रूप में सामने आ रही है, जो इंसान के काम को कर सकती है. कोरोना के इस संक्रमण काल में मनुष्य अब हर एक जगह पर एक समय में एक साथ मौजूद नहीं रह सकते. ऐसे में मशीन बिना इंसान के हर काम करेंगी, तो ऐसे में सबसे अहम हो जाता है कि अब मशीनों में इंसान के दिमाग की तरह सोच पैदा करनी होगी. इसको लेकर एनआईटी कॉलेज में मशीन विजन 2020 के तहत आभासी
प्रणाली को भविष्य के मद्देनजर विकसित किया जा रहा है. चेहरे के वीडियो से इंसान के हृदय की गति को भविष्य में मापा जा सकेगा.
आभासी प्रणाली को विकसित करते हुए अब भविष्य में मनुष्य की हृदय गति को मापने के लिए नई तकनीक की जांच की जा सकेगी. इस प्रक्रिया के तहत रोगी के शरीर के संपर्क में बिना आए ही हृदय गति को मापना संभव हो पाएगा. ऐसे में मशीनों को इंसानी सूझ-बूझ दी जा सकेगी. एनआईटी कॉलेज में आयोजित कार्यशाला मशीन विजन में देश-विदेश के तकनीकी जानकार, विशेषज्ञ शामिल होकर अपने व्याख्यान को प्रस्तुत कर रहे हैं. इससे इन विषयों के शोध को भविष्य में इंसानों के सुरक्षा के तौर पर प्रयोग में लाया जा सकेगा.
वर्तमान समय में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए जो थेरेपी प्रयोग में लाई जा रही है, वो महंगे होने के साथ ही आम इंसान की पहुंच से बाहर होती है. मशीन विजन कार्यशाला के तहत कैंसर इलाज को सस्ता सुलभ और एडवांस बनाए जाने के कई पहलुओं पर विशेषज्ञों ने अपनी-अपनी राय दी. इसके तहत कीमोथेरेपी जैसी प्रक्रिया को एडवांस कैमरे से जोड़कर कैंसर सेल के पता लगाने के साथ-साथ इलाज किए जाने की प्रक्रिया को भी सुलभ बनाया जा सकता है
संक्रमण दौर के बाद स्थिति सामान्य होने पर भी कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां अब इंसान की मौजूदगी या प्रवेश शायद संभव नहीं हो पाएगा. ऐसे में तकनीक को विकसित किया जाना बेहद जरूरी है. भविष्य में ऐसी भी मशीन बनाए जा सकती हैं, जो कोरोना से खतरनाक बीमारी से ग्रसित लोगों के चेस्ट एक्ससेरे से ये पता लगा सकेगी कि वो शख्स संक्रमित है या नहीं. ऐसे में तकनीक का मशीनों के साथ एडवांस होना जरूरी है.
एडवांस मशीन का प्रयोग कर मेडिकल क्षेत्र में भी अब रोजाना कई नए प्रयोग किए जा रहे हैं. मेडिकल साइंस की दुनिया में इसे लेकर कई आविष्कार भी किए जा रहे हैं. डॉक्टर भी मानते हैं कि निकट भविष्य में इंसानों के शरीर में इलेक्ट्रॉनिक चिप स्थापित कर पूरे शरीर की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा सकेगी. मसलन, हार्टबीट, ग्लूकोस लेवल, ब्लड प्रेशर समेत अन्य प्रक्रियाएं. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि मशीनों को एडवांस बनाकर मानव जीवन की जटिलताओं को तो कम किया ही जा सकता है.

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