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आर्थिक तंगी से परेशान युवक ने की खुदकुशी, लॉकडाउन में छूट गई थी प्रिंटिंग प्रेस की नौकरी

रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र में पत्नी और बच्चों के साथ दो साल से रह रहे बिहार के एक युवक ने खुदकुशी कर ली. लॉकडाउन में उसकी प्रिंटिंग प्रेस की नौकरी छूट गई थी, जिससे वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था. अनलॉक के दौरान वह मजदूरी से किसी तरह गुजारा कर रहा था. मृतक की पत्नी ने बताया कि वह दो दिन से अधिक परेशान थे. सो भी नहीं पा रहे थे.

रांचीः शहर के धुर्वा थाना क्षेत्र में आदर्श नगर के रहने वाले दीपक राय नाम के युवक ने बुधवार दोपहर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. परिजनों का कहना है कि लॉकडाउन के कारण उसका काम छूट गया था. इसके कारण वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था.
पुलिस के मुताबिक दीपक मूल रूप से बिहार के सासाराम का रहने वाला था. रांची के धुर्वा इलाके में आदर्श नगर के एक किराये के मकान में दो साल से पत्नी और दो बच्चों के साथ रह रहा था. वह रांची में एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था. बुधवार सुबह उसकी पत्नी अपने दो बच्चों के साथ सामान खरीदने के लिए घर से बाहर गई थी. दोपहर बारह बजे जब वह लौटी तो देखा कि उसका पति दीपक पंखे से फंदे के सहारे झूल रहा है.
इस पर दीपक की पत्नी बदहवास हो गई. उसका शोर सुनकर आसपास के लोग जुट गए. सूचना पर धुर्वा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया. इधर, पत्नी के बयान पर धुर्वा थाने में केस दर्ज कर लिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
दीपक की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उनके पति एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करते थे. उस समय परिवार ठीक तरह से चल जाता था. लॉकडाउन होने की वजह से उन्हें काम से हटा दिया गया था. इसके बाद वह कुछ दिनों से बेरोजगार थे. इस दौरान उन्होंने कई जगह पर काम भी खोजा, मगर काम नहीं मिल पाया. उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई थी. अनलॉक होने के बाद से वह मजदूरी करने लगे. उसी पैसे से किसी तरह बच्चों का पालन-पोषण हो रहा था.
मृतक की पत्नी ने बताया कि दीपक दो दिन से विचलित था. विचलित होने के कारण वह रातभर सो नहीं पा रहे थे. पूछने पर उन्होंने कोई बात नहीं है कह कर टाल दिया था. बुधवार की सुबह कुछ पैसे दिए और कहा कि बाजार से सामान खरीदकर ले आओ. जब घर लौटे तो देखा कि दीपक फंदे से लटका हुआ है.