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आर्थिक रूप से कमजोर अधिवक्ताओं को मिलेगी 5-5 हजार रुपये की सहायता, ट्रस्टी कमेटी की ओर ने लिया निर्णय

कुणाल सारंगी

झारखंड में कोरोना संक्रमण लगातार पैर पसार रहा है, जिसका असर राज्य के न्यायालयों पर भी पड़ा है. कोरोना काल में न्यायालयों में बहुत कम मामलों की सुनवाई ऑनलाइन हो रही है. कई अधिवक्ताओं को केस नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई है. ऐसे एडवोकेट वेलफेयर ट्रस्टी कमेटी ने कोष से 1,100 अधिवक्ताओं को सहायता राशी देने का निर्णय लिया है.

रांची: कोरोना वायरस के बढ़ते संकट के कारण राज्य के न्यायालयों में मुकदमों की सुनवाई ऑनलाइन हो रही है. सुनवाई सामान्य तरीके से नहीं हो रहा है. कम संख्या में मामला सूचीबद्ध किया जा रहा है. इस दौर में अधिवक्ता के प्रैक्टिस पर भी खासा असर पड़ा है. कुछ अधिवक्ताओं को काम भी मिल रहा है तो समय पर फीस नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होते जा रही है.
झारखंड एडवोकेट वेलफेयर ट्रस्टी कमेटी ने कोष से अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है. ट्रस्टी कमेटी के अध्यक्ष सह महाधिवक्ता राजीव रंजन की अध्यक्षता में हुई बैठक में लगभग 1,100 अधिवक्ताओं को 5-5 हजार रुपये की सहायता करने का निर्णय लिया गया. आर्थिक सहायता को लेकर जरूरतमंद 4,200 अधिवक्ताओं ने ट्रस्टी कमेटी को आवेदन दिया है. स्क्रूटनी कमेटी ने 1,100 अधिवक्ताओं के आवेदन का चयन किया है. वहीं 1,700 लंबित आवेदन पर भी शीघ्र निर्णय होने की संभावना है.
झारखंड राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष राजेंद्र कृष्णा ने बताया कि 1,100 आवेदन का चयन किया गया है, जिन्हें सहायता देने की प्रक्रिया चल रही है, लंबित आवेदन पर विचार करने के लिए ट्रस्टी कमेटी की बैठक 14 अगस्त को होगी.