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176 फुटपाथ विक्रेताओं का बैंक से लोन हुआ सैंक्शन, अब तक चार लोगों को मिली राशि

कुणाल सारंगी

दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत फुटपाथ विक्रेताओं के जीवन में सुधार के लिए 10 हजार रुपये लोन के रूप में उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके तहत राजधानी रांची के 176 फुटपाथ विक्रेताओं का बैंक से लोन सैंक्शन हो चुका है.
रांची. कोविड-19 की वजह से उत्पन्न संकट को लेकर केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत फुटपाथ विक्रेताओं के जीवन में सुधार के लिए 10 हजार रुपये लोन के रूप में उपलब्ध कराया जा रहा है. जिसे 1 वर्ष में वापस करना है. इसके तहत राजधानी रांची के 176 फुटपाथ विक्रेताओं का बैंक से लोन सैंक्शन हो चुका है, जबकि 4 लोगों को लोन की 10 हजार रुपये की राशि भी मिल चुकी है. इसके तहत 24 मार्च 2020 के पहले जो फुटपाथ विक्रेता
दुकान लगा रहे हैं, उन्हें कोरोना की वजह से उत्पन्न संकट से उबरने के 10 हजार रुपये लोन दिया जाना है. इसमें 7% सब्सिडी है.
वर्तमान में रांची नगर निगम के द्वारा 983 फुटपाथ विक्रेताओं की जांच की जा चुकी है और सितंबर तक सर्वे का काम जारी रहेगी. सिटी मैनेजर नीरज कुमार ने बताया कि कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सर्वे के काम में थोड़ी देरी जरूर हो रही है, लेकिन लगातार 53 वार्ड के पार्षद और सीओ के मदद से फुटपाथ विक्रेताओं को चिन्हित करने का काम किया जा रहा है. इसके साथ ही जांच प्रक्रिया जारी है. वहीं, नगर आयुक्त मुकेश कुमार ने सोमवार को अटल स्मृति वेंडर मार्केट का निरीक्षण भी किया है और वहां की स्थिति का जायजा लिया है.
इस दौरान उन्होंने बाजार शाखा के नगर प्रबंधक को खाली पड़ी दुकान के लिए जल्द से जल्द टेंडर करने का निर्देश और सिंगल इंटरप्राइजेज के प्रतिनिधि को टूटी फूटी वस्तुओं को जल्द से जल्द ठीक करने का दिशा-निर्देश दिया गया है. बता दें कि इसके पहले शहर के डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने सरकार से अटल स्मृति वेंडर मार्केट को खोले जाने की मांग भी की थी, ताकि जो फुटपाथ विक्रेता अटल स्मृति वेंडर मार्केट में दुकान लगाते थे, उनकी जीविका चल सके. हालांकि, कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अब तक अटल स्मृति वेंडर मार्केट को खोलने को लेकर निर्णय नहीं हुआ है.